शिव आए यशोदा के द्वार
मात मोहे दर्शन कराओ।
गली-गली मत उगे तुलसा, कोई नहीं सीचन आवेगा
मेरा जीवन धन हनुमान शरणों थारो लियो।
कान्हा न चाहिए बैकुंठ जन्म मोहे ब्रज में दियो रे
रहे मेरे मुख में सदा तेरा नाम,
मीरा के मोहन राधा के श्याम,
दही माखन को चोर पकड़ लियो राधे ने ।
म्हाने खाटू में बुलाले,बाबा श्याम,की आयो मेलों,फागण को।। कई दिना से मन में लागि,जावा खाटू धाम,एक एक दिन गिनगिन काटा,कईया दिखे श्याम,म्हाने बेगो सो बुलाले,बाबा श्याम,की आयो मेलों,फागण को,म्हाणे खाटू में,बुलाले बाबा श्याम,की आयो मेलों,फागण को।। फागण मास रंगीलो प्यारो,भगता के मन भावे,खाटू के मेले के माहि,नाच कूदता आवे,म्हाने हिवड़े सु लागा ले,बाबा श्याम,की आयो […]
वो दिन कभी ना आये,
बाबा तुम्हे भुला दे,
एक बार बुला लो श्याम तेरे वृंदावन में।
अपने गम की दास्तां कैसे करूँ बयां
तू सब कुछ है जानती, अंतर्यामी माँ,
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