भव बिन खेत खेत बिन बाड़ी,
जल बिन रहत चले बाड़ी,
सेठा में सांवरो सेठ,
बाकी सब डुप्लीकेट,
जाड़े ने जुलम सताई,भरवा दो श्याम रजाई।
हे बंजारन तेरा छोड़ चला बंजारा।
जो बोयेगा वही पायेगा, तेरा किया आगे आएगा।
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Shree ramashtkam,श्री रामाष्टकम्,
श्री रामाष्टकम्
भरोसे थारे चाले ओ
सतगुरु मारी नाव,
यमुना जल मा केसर घोली स्नान कराऊँ सांवरा।
क्या तन माँजता रे
आखिर माटी में मिल जाना।
तुम बिन नाथ कौन गति मेरी।
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