मेरा माखन ना चुराओ श्याम पैयां पढ़ूँ,
बीड़ो उठायो हनुमान हठीलो,
बीड़ो उठायो राजा राम रो ।
कलयुग में सिद्ध हो देव तुम्ही,
हनुमान तुम्हारा क्या कहना,
हनुमान अमृतवाणी भाग १
घणा दिन सो लियो रे,
अब तो जाग मुसाफिर जाग ।
हल्दीघाटी में समर लड्यो,
वो चेतक रो असवार कठे।
जय बोलो जय बोलो जय हनुमान की,
कानूड़ो नचावे थोड़ी नाच ले।
पगल्यां में थोड़ी पायल पहर ले ,
ले ले सुआ हरी नाम ,
नाम लियां तिर जासी ।
भगती रा मारग झीणा, रे संतों,भगती रा मारग झीणा।
You must be logged in to post a comment.