तेरी कृपा का है ये असर सांवरे,
रोये जो श्याम का प्रेमी,
उसे श्याम ही धीर बँधाए,
पिया तोड़ दो बंधन आज,
की अब रूह मिलना चाहती है,
तर्ज:- अब न छिपाऊँगा सबको बताऊंगा शबरी बिचारी है, प्रेम की मारी है,स्वागत में रघुबर के , सुद बुद्ध बिसारी है,लक्ष्मण सीताराम मेरे घर में पधारे ।। कबसे बैठी थी मैं आस लगाये, दो नैनन के दीप जलाये,रघुनंदन ने दर्श दिखाये, जन्म जन्म के सब सुख पाये,मेरी कुटिया के बड़े भाग सुहाने हैं, आज प्रभु […]
जब जब भी विपदा आई,
मेरा श्याम बना है सहाई,
मेरा सतगुरु भया रंगरेज ,
चूनर मारी रंग डाली।
मेरी जो लाज है,
बाबा तेरे हाथ है,
मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
शम्भू के विवाह का मजा लीजिए,
हम है वृंदावन के वासी,
हम राधे राधे गाते है,
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