चोरी माखन की करे है दिन-रात जसोदा मैया तेरो लाला।
दर तेरे आयेंगे, दर तेरे आयेंगे।
ले हाथों में निशान, खाटू हम जायेंगे।
ओ आयो आयो फागण आयो, म्हारो साँवरियो मुस्कायो।
ओ कान्हा ओ कान्हा सुन लो विनती मेरी।
हनुमत तुम्हारे सहारे मैंने आज, सागर में नइया छोड़ दई।
लख चौरासी रा छोटा टेशन,
मोटा मिनक जमारा है,
सो जाऊं तो सपनों में घनश्याम तुम्हे देखूं
तेरी सेवा करूँ उम्र भर,
मुझपे पर रखना तू अपनी नज़र,
जबतक साँसे चलेंगी,
मुझको दर पे बुलाना,
कई खेल्या कई खेल सी ,
कई खेल सिधारया रे ।
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