मुझको बाबा का सहारा मिल गया।
Author: Pushpanjali
सिर गंगा की धार,गले सर्पों के हार महादेवा
मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे
सुन ले यशोदा मैया,तेरा ये किशन कन्हैया।
सुन सुन रे म्हारी काया ये रंगीली
घोड़ों जोर को घुमायो रे रुणिचे वाला
वो कौन है जिसने हमको दी पहचान है।
कोई नहीं है मेरा, एक तेरे सिवा ओ दाता।
दादीजी आओ पधारो,थारा लाड़ लड़ाऊंगी
बोलिए जी अंखियां खोलिए।
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