हर देश में तू, हर वेश में तू
तेरे नाम अनेक,तू एक ही है।
Author: Pushpanjali
भव बंधन से मुक्ति हो सब बन जाएंगे काम
बंसी बजा के श्याम ने,
दीवाना कर दिया,
मेरी बिगड़ी बनाने वाला मेरी किस्मत जगाने वाला,
मारो माखन गयो रे चुराई यशोदा थारो कानुडो
शिव शंकर चले कैलाश,
नगाड़े बजने लगे,
क्या तू लेके आया है क्या तू लेके जायेगा।
शिव शंकर के अवतार,
मेरे बालाजी सरकार,
दास तेरा हो जाऊँ,
मतवारी गुजरिया थोड़ा सा दही दे जाइयो
तेरे दो मैया दो बाप कान्हा तोहे क्या बोलूं।
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