ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की।
Tag: Aisa rang radha rani chadhaya ke hor rang nahiyo chadhda
राधा रमण हरी नँदना,
करूँ हर पहर तेरी वंदना,
राधे मेरी स्वामिनी,में राधे को दास,
यह कौन गुजरि आगी,आज म्हारे राधिका रास में।
थारी काया रो गुलाबी रंग उड़ जासी ।
दो दो ना धरियो गगरिया राधे रानी, लग जेह तुमको नजरिया।
राधे राधे की कुंजी से,खुलेगा ताला श्याम का।
लागी लागी रे लगन लागी राधा नाम की।
ऐसा सुंदर स्वभाव कहां पाया, राघवजी तुम्हें ऐसा किसने बनाया।
ऐसा रंग राधा रानी चढ़ाया के होर रंग नहियो चढ़दा।