सब झूठे है सहारे हरिदासी ये पुकारे,
मोपे करदो किरपा महारानी,
ये कैसी बंसी बजाई रे मैं तो लुट गई रे सांवरिया।
दरवाजे आया कौन सखी यह तो बता दो।
मैं मथुरा की राधे रानी भरण पिया पानी न जाऊंगी।
चले गए मथुरा कान्हा दिल तड़पा के
तेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया।
मैं नाचूं गाऊंगी सांवरिया दरबार में।
गुरु तो मुझे वही चाहिए ज्ञान बताने वाला
मैं हूं तुम्हारा तुम हो हमारे,
तुम सा ना प्यारा कोई,
शोफा कमरे में लगा दो बैठूं रानी बनके।
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