जपूँ नारायणी तेरो नाम,
राणीसती माँ झुँझनवाली,
मुझे श्याम मिल गया है,
श्री राधे रटते रटते,
मुझे दास बना कर रख लेना,
भगवान तु अपने चरणों में
रटो पार्वती के भरतार,
करेंगे भव से बेड़ा पार।
छाया रे बसंती रंग,
लो फागुन आया रे,
कर जोड़ खड़ी सीता,माला पहनाने को।
थाने निमन करा मैं बारंबार मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो।
पर्वत पे डमरू बजावे भोले बाबा
छोरिया मारी गांव बजाओ,
गढ़ की गुजरिया,
आज म्हारे कानुड़े रे काई होयो,
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