तेरा द्वारा घणा से प्यारा, जगत ते न्यारा मैं देखण आग्या गोगा जी,
तेरी लेई परीक्षा गोरख तू पारस से कती कम कोन्या
मेरा दिल तुझपे कुर्बा,
मुरलिया वाले रे,
जे तेरा हो भगती में ध्यान,
कर्म ते हटिये मत ना।।
बंसी वारे कन्हैया,
हमें तो राधा से मिलाई दे रे,
ग्यारस का व्रत में करती हरि नाम की माला जपती।
तेरे जैसा कोई नहीं हारे का सहारा है।
मेरे घर आए बृजवासी में ग्यारस उपासी।
अगला जन्म भी सांवरे लिख ले अपने नाम
बिगड़ी बनाने वाली,
कष्ट मिटाने वाली,
दुनिया में जगदंबे माँ,
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