कोई चिंता ना जद म्हारे सिर पे श्याम धनी को हाथ,
प्राणों से भी प्यारा दादी धाम तुम्हारा,
मोरछड़ी हाथां में थारे
मुखड़ो चमके
थाने कठे भालवा जाऊ रे सावरीयो घट माय रे
मैंने राम का मन्दिर देख लिया अब श्याम का मन्दिर देखेंगे।
बोलो जी दयालु
दिलदार के करां।
बोलो बोलो थारी
मनुहार के करां।
गिरधर की बंशी प्यारी जी गिरधर की।
आ मन बैठ जरा गुरु जी के चरणों में
अब तो बुला दरबार साँवरे,
मैं कर ना सकूँगा इन्तजार साँवरे,
मेरे बाँके बिहारी के नैना,
सखी री, कछु जादू सो कर गए री,
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