बाबा जी नैण रसीला, ज्यूँ अमृत का प्याला जी,
हे झुंझनवाली आता रहवां म्हें झुंझुनू-धाम जी,,
देवा हो देवा गणपति देवा
तुमसे बढ़कर कौन, स्वामी तुमसे बढ़कर कौन।
सांवरा सलोना कान्हा मेरे मन को भा गया,
कलयुग का हो अवतारी
लीले घोडै की सवारी,
लिख देना लिख देंना ओ गणपति भाग्य हमारा भी।
तुम कहाँ गये गणराज, तुम्हे ढूंढ रहा जग आज,
तुम लौट के आओ ना,
मेरी बगिया के फूल मत तोड़ो माली। डाली डाली में बैठी मैया शेरावाली।
मनमोहन मुरलिया वाले, बांसुरिया वाले सुनाय रहे बांसुरिया।
कुञ्ज बिहारी से रास बिहारी से
मेरे नैना लड़ गये हाय रे मेरे नैना लड़ गये।
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