दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ
चरणों में थोड़ी जगह चाहता हूँ।
चुप रहना और कुछ ना कहना,
क्या यह तेरी लीला है,
थारी कांई छै मनस्या, कांई छै विचार,
सुणियो जी म्हारा लखदातार।
कोई याद करे तो करे,
फरियाद करे तो करे,
माँ की ममता मैया से मांगे, मुझे पुत्र मिले,श्रवण की तरह,
गजानन जननी तेरी जय हो जय हो विजय हो,
सारा जग ढूंढ लिया कोई तुमसा न देखा,
मुझे वृंदावन बुलाया यह करम नहीं तो क्या है,
बाबा मुझे ये तो बता,
कोई इतना भी देता है क्या,
मुझे मिल रही खुशियां अपार सखियों होली में।
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