बस इतनी तमन्ना है, ऐ श्याम तुम्हे देखूं।
Author: Pushpanjali
एक तमन्ना श्याम है मेरी, दिल में बसा लूं सूरत तेरी।
जाने वाले एक संदेशा श्याम प्रभु से कह देना
सावन को महीनो, मन में उठे हिलोर।
सोने की लंका जलाय गयो रे, एक छोटो सो बांदर।
जिसका गोरा गोरा मुखड़ा, वो अयोध्या वाला राम।
प्रभु प्रेम बनाए रखना, चरणों से लगाए रखना।
धन घड़ी धन भाग हमारा,लीले चढ़कर श्याम पधारा,करो स्वागत बाबा को
था बिन दीनानाथ आंगलि कुंन पकड़सी जी
दरबार में मेरे बाबा के दुःख दर्द मिटाए जाते है
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