सबसे पहल्यां महे घर का देव मनावां।
Author: Pushpanjali
गेरी गेरी बिरखा भाया,थे पाछा कईयां जाओ। म्हाने सांची सांची बात बताओ जी ओ।
हम तो आए शरण में तुम्हारी,लाज हाथों में तेरे हमारी।
ऐसी मस्ती कहां मिलेगी, श्याम नाम रस पीले।
कन्हैया हींडो घालयों रे हरियल बाग में
तनधन की पटरानी भजो रे मन नाराणी
आए सजधज के बाराती हैं
और रंग दे रे भाया, और रंग दे।
मरेगी किस्मत से,नाम तेरो कर ज्यागी
नानी बाई के मायरा की, कान्हा लाज बचायो रे
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