श्याम मोरे नैनन आगे रहियो।कन्हैया मोरे नैनन आगे रहियो।
Author: Pushpanjali
निंदिया बाई घर जइयो, जा घर राम भजन नहीं होय
अमूवा की डाली लाई,बगिया से तोड़के
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन बिहारी।
म्हारी अंखियां में पड़गी रे गुलाल कन्हैया,
कलयुग ने सताया है, हनुमान चले आओ
मैया मेरी पर्वत पार है।दर्शन को दिल बेकरार है।
मैया आओ तो सही जरा बैठो तो सही,मर जाएगी आत्मा रो रो के।
दे सकती हो तो दे दो,आकर मुझे सहारा
होली आई होली आई होली आई। मस्ती छाई मस्ती छाई मस्ती छाई।
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