हाथ जोड़ ने अरज करूं,
मैं आयो थारे बारने,
Author: Pushpanjali
इस जीवन की चादर में
सांसों के ताने बाने हैं
घुंघटीयों झीणों झीणों,
सांवरिया नैण मिला ले रे,
अवध में भक्तो का मन बोले,
हनुमत की भक्ति को टटोले
ऊपर राज रे कोनी पोपा बाई रो ,
थारो लेखो लेवेला राई राई रो।
राजी बोल जा
भवानी प्यारी गोरा
हो राजी राजी बोल जा
हिये काया में बर्तन माटी रा,
टूटे जासी नहीं कर राङ को,
माताजी रे मंदिर पर,
मीठी बोले कोयलिया,
मैया मैया बोल नैया पार हो जाएगी,
चले आओ चले आओ,तुम्हे अपनी सुनानी है
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