सुता शेर जंगल का राजा, उसे जगाणा ना चाहिए,
पंछी लेजा मेरा संदेश सुनाइए मुरली वाले को।
लिलो लिलो घोड़ो,
लाल लगाम,
बेटा बुलाए झट दौड़ी चली आए माँ,
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा,
मन हो जा दीवाना रे श्याम जी के चरणों में
जीवन है तेरे हवाले मुरलिया वाले
कंचन कांच का बणिया रे हनुमान,
चांदी की म्हारी दुर्गा माता।
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी
सिया से कहे हनुमाना रे,
माँ क्यों सिंदूर लगाया,
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