ओ श्याम जी हमें ना भुलाना,
अपनी शरण में दे दो ठिकाना,
मेरे श्याम बदल ना जाना,
रुत बदले चाहे दिन बदले,
चाहे बदले सारा ज़माना,
महफ़िल है श्याम आपकी,
महफ़िल में आइये ज़रा,
खूंटी तान कर के सोजा, तेरा बाबा पहरेदार,खूंटी तान के।
नौ नौ रूप मैया जी के,
बड़े प्यार लागे।
नजर में आ जाओ घनश्याम आँखे चार हो जाए,
पार्वती की भोली सूरत पर नजर लगाए गए भोले जी।
काऊ दिन पाले सुआ उड़ जायेंगे।
भजो मन राम और सीता, जन्म जाता है अब बीता।
तेरे रंग में रंग गई सांवरे मैने छोड़ दिया घर बार,
दासी अपनी राख ले।
You must be logged in to post a comment.