प्रियाजू! प्रीति-प्रसादी पाऊँ।
मेरी बिगड़ी बना दे हो ओ भोले भंडारी
ये जीवन नैया है,
इस नैया का,
तू ही माझी है,
छम छम नाचे घोडा सांवरे सजन का
कान्हा बंसी बजाए राधा दौड़ी चली आए
अपने भगत की तू ही सुने फरियाद,
ऐ श्याम तेरी माला जपूँ दिन रात,
तू ही कन्हैया तू ही लखदातार है,
श्याम में है राधा या राधा में है श्याम,
देवो में सबसे बड़े मेरे महादेव है
महे तो ढूंढ्यो जग सारो,
थां स्यूं कोई नहीं न्यारो,
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