ठुमक ठुमक के चाले अंजनी रो लाल।
हरी हरी भांग का मजा लीजिये,
सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये,
सुखी मेरा परिवार है,
ये तेरा उपकार है,
सर पे चुनरिया लाल,
और हाथों में मेहंदी रचाई है,
प्यारो लागे तेरो पवन दुलारो मईया हे प्यारो लागे हे।
भेष बदल कर नारी बन कर, चले है तन कर श्याम,सभी को भा गये है
सरस्वती पुष्पांजलि मंत्र
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है ।।
थारे भरोसे बैठ्यो मैया,
कोई ना म्हारो है,
कृपा करे रघुनाथ जी,
म्हने सत देवे सीता माता,
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