कोई आवे या ना आवे, यो आड़े आसी जी,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
खाटू की ये गालियां होंगी मशहूर,
मैं सोचता कुछ और हूं, पर मांगता कुछ और हूं।
सुन श्याम मिजाजी होजा राजी तूं कहनो मान ले।
अरज लगावे जी,
सांवरिया थासु अरज लगावे जी।
बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे,
किस्मत संवर गयी है,
तेरी शरण में आकर,
हार गया हूँ बाबा,
अब तो आके थाम रे,
श्याम तेरी लगन जो लगी,
तो अगन भी लगे बर्फ सी,
सोचा नहीं जो ख्वाब में,
उतना हमें मिला,
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