थारे भरोसे बैठ्यो मैया,
कोई ना म्हारो है,
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
म्हारी मावड़ली को आयो है सन्देश,
ले चालो म्हाने पिहरिये,
हे झुंझनवाली आता रहवां म्हें झुंझुनू-धाम जी,,
प्राणों से भी प्यारा दादी धाम तुम्हारा,
म्हारी दादी जगत सेठाणी,
म्हारो मौज करे परिवार,
ओढ़ो जी ओढ़ो दादी,
म्हारी भी चुनरिया,
जब तक हो दादी जीवन मेरा,
छूटे कभी ना ये आंगन तेरा।
झुंझनू धाम का कण कण बोले,नारायणी नमो नमः
दादी को नाम,
काम तेरो बण जासी,
तेरा दाना खा खा कर माँ सारी उम्र गुजारी,
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