लाल धजा तेरी लहराई जय हनुमत जय बलदाई।
मेरे हृदये करो परवेश जी।
मेरे काटो सकल कलेश जी,
जग में अमर बाबा किरती है थारी,
मिन्दर मे गूंजे जयकारो पीरजी,
जैसे बड़ पीपल की छाया, वैसे सास ससुर की माया
श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता सुनाई, छोड़ मोह ममता करो तुम लड़ाई
अंदर बैठे हैं कन्हैया, बाहर बैठी तुलसा मैया
बोहनी हुई ना, माखन देऊं कैसे।होवेगा जूठा,चखन देऊं कैसे
मेरे पिछवारे गैल, गाड़ा ररकत में सुनूं ओ माय।
मेरे राम जी से राम राम कहियो रे
मेरी मैया की चुनरी कमाल है,
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