मेरे खाटू वाले बाबा का लो आज जन्मदिन आया है,
घर घर में तुलसा सजी खड़ी, घनश्याम ढूंढ रहे गली गली।
एक दिन मेरो दूल्हा आवेगो मोहन मुरली वालो।
आज तुलसा जी की नगरिया,हरी दूल्हा बने आ रहे हैं।
अंगना में मंदिर,मंदिर में तुलसा।तुलसा के संग में शालिग्राम
हम श्याम बिहारी के चेले हैं।
सज रही तुलसा बीच अंगना में, मुरलीवाला बीहाने आया है।
जय जय विष्णु प्रिया जय जय हो तुलसी मां,
अपने गुरु से क्या मांगू,
बिन मांगे सब कुछ मिल गया।
दूल्हा शालिग्राम तुलसा बनी रे दुल्हनिया।
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