नख पर धारि लियो गिरिराज,
नाम गिरधारी पायो है।
भोले घोट घोट के भंगिया तेरी,
दोनों नरम कलहई दुखे मेरी,
जिनके हृदय श्री राम बसे, तिन और का नाम लियो ना लियो ।
आ गई है गौरा, घर-घर में मचे शोर। मैं बनी पतंग मेरी, गोरा बन गई डोर।
श्याम कृपा से जीवन ये,
सुहाना होता है,
एकदीना शिव शंकर गोरा चौपड़ खेले साथ।
गणपति बप्पा तुम हो निराले
विघ्न बाधा सबकी हरने वाले
आंगन में तुलसी तुलसी की पूजा
मीठी वाणी से हरी नाम जप ले, तेरा जीवन सवरने लगेगा
ले गयाे ले गयाे ले गयाे री, अरे
मेरी भरी भराई वो तो ले गयोे री
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