संग में लेके ग्वाल, मदन गोपाल, आयो मां तेरा नंदलाला रे
रोम रोम तेरा नाम पुकारे,
एक हुए दिन, रैन हमारे,
तेरी हर सांस है हीरा मोती जो लुटाने के काबिल नहीं है।
सुन ले मेरी प्यारी बन्नी सारे ऐश करा दूंगा।
म्हारा सांवरिया थारी बाता,
लागे मने मीठी,
पूछे सिया सुन अंजनि के लाला।
क्यूँ तोड डाली तूने मणियों की माला।।
मेवाड़ी राणा भजना से लागे मीरा मीठी,
आया सखियो मेरा बनवारी
मेरा बनवारी आया मेरा गिरधारी
भूलूँ नाही एक घड़ी,
मैं सांवरिया थाने,
सौदा करले जाननहार,
काया गढ़ में मंडियों बाजार,
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