श्यामा थारा घूंघर वाला बाल,जीव मेरो भरमायो जी मदन गोपाल
ग्यारस की रात आयी
तुम श्याम को मना लो
तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी,
सुरता हल्की दे दे रोवेगी, जद चालेगी अकेली।
कहाँ रखोगे बाबा,
हारो की अंसुवन धार,
कुछ नहीं करुणानिधान चाहिए,
एक तेरी दया दयावान चाहिए,
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल,
तुम बिन रह्यो न जाय हो ॥
कभी फगण में आया, कभी ग्यारस पे आया,
कभी भक्तों से मिलने आया करो,
राम कहूँ के रामदे, हीरा कहूं के लाल,
कोणी माने ऐ यशोदा तेरो गिरधारी।
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