पवन उड़ा कर ले गई रे,मेरी मां की चुनरिया।
Author: Pushpanjali
छोटा सा हनुमान, चलावे गाड़ी सत्संग की,
मीरा जोगन बन गई रे,श्याम तेरे मंदिर में।
श्रीराम की गली में तुम जाना।वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना।
मेरा बारंबार प्रणाम,गुरुजी तेरे चरणों में।
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सौराष्ट्रे श्री सोमनाथं च,shiv stuti
सौराष्ट्रे श्री सोमनाथं च
मुकुट सिर मोर का,मेरे चित्त चोर का
नाम है तेरा तारणहारा,कब तेरा दर्शन होगा।
एक डोली चली,एक अर्थी चली।
हे गजानन आपकी दरकार है
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