कोई एक है जग का बाजीगर,यह राज सभी ने जाना है
Author: Pushpanjali
तेरे संग में रहूंगी,मेरी अंबे मां
विष्णु जी के नख से निकली,गंगा मां की धार है
गुरुजी ने किया उपकार नवाओ शीश चरणन में
थारे पगल्यां रे बांधूं घुंघरिया,थोड़ा धीमा धीमा चालो म्हारा सांवरिया।
तीन बाण तरकश में,कांधे धनुष उठाया है।
या रुनझुन करती भीलनी, कठिने चाली रे
सब जीते जी के झगड़े हैं,ये मेरा है,वो तेरा है
श्याम की कोई खबर लाता नहीं।बिन खबर हम से रहा जाता नहीं
चले जा चले जा चले जा,तुझे राम मिले,घनश्याम मिले।
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