अर्जी मेल दई चरणां में,
श्याम थाने सुननी पड़सी जी,
Author: Pushpanjali
म्हारो सांवरो मिजाजी, राखे भगता ने राजी, ऐसो देवता मिलेगो नाही दुसरो।
मईया के हाथा में,
रचावा मेहँदी राचणी,
दादी का मंगल, रोज करोगे,
मौज करोगे, मौज. करोगे,
छोटी सी झोपड़िया में होय न गुजारा। भोले कोठी बनवा दो,
म्हाने नारेला रो रुख प्यारो लागे
सखी री मिल गावो री गावो बधाई
आज है राधा अष्टमी आई।
आया दुनिया से हार, बोल छोड़ कहां मैं जाऊं तुझ को सरकार
हनुमान तेरे दर से कोई गया ना खाली।
जब जमाने ने ठुकरा दिया,राधा रानी ने अपना लिया,
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