जब कोई न हो अपना,
बस श्याम नाम जपना,
कानुड़ा ने देख्या म्हारो दिल खुश हैं छे
मेरे श्याम ये बता दे,
ये तान कौन सी है
मेरे साकी ये बता दे वो शराब कौन सी है।
पीयो पीयो रे पीने वालो तुम श्याम नाम रस पीया करो,
बन गए नन्दलाल लिलिहारि, के लीला गुदवा लो प्यारी
जय भोले जय भंडारी
तेरी है महिमा न्यारी
नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का….
पूछे रहे भोलेनाथ गोरा तुम के बहना।
राम नाम का सुमिरन करले,
फिर प्रेम की माला ।
You must be logged in to post a comment.