जागो तो एक बार हिन्दू जागो तो,
ऐ मेरे वतन के लोगों,
तुम खूब लगा लो नारा,
हाड़ मांस का पिंजरा, एक झटके में तोड़ के।
जोगिनी लहर लहर लहरावैगी,
तू ढोल बजा लाँगुरिया।
कन्हैया प्रेम की बंसी बजाना तुम को आता है।
लाल समझाए ले मैया, है नटखट तेरा कन्हैया।
कन्हैया प्रेम की बंसी बजा दोगे तो क्या होगा।
कुछ लेना ना देना मगन रहना,
सब तीरथ कर आई तुम्बडिया,
गंगा नाई गोमती नाई,
ना मूरत में ना तीरथ में,
ना कोई निज निवास में,
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