बोल तने कईयां रिझाऊं मावड़ी।
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
ओढ़ चुनरिया लाल,बैठी है दादी सज धज के।
ओढ़ो ओढ़ो म्हारी माता रानी आज,भगत थारी चुनर ल्याया ये।
मेहंदी ओ मेहंदी, इतना बता तूने,कौन सा काम किया है।
खाले डट के रे भोग लगाले डट के।
दादी चुनरी मुलायी,तने भाई की ना भाई
सज धज के बैठया दादीजी,यूं बैठ्या बैठ्या मुस्कावे
आई सिंह पे सवार मैया ओढ़े चुनरी
डोली चढ़ के दादीजी ससुराल चली
महीना भादौ का आया रे मेरी मैया आयेगी
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