भला किसीका कर ना सको तो,बुरा किसीका मत करना।
Author: Pushpanjali
मोर छड़ी लहराई रे रसिया ओ सांवरा
अंजनी मां के हुयो लाल, बधाई सारे भगतां ने
थाने याद करा हनुमान अति कईयां देर करी
दादी चुनरिया थारी चमचम चमके
डमरु बजाए अंग भस्मी रमाए और ध्यान लगाए किसका
किसी के काम जो आए उसे इंसान कहते हैं।
आ लौट के आजा हनुमान तुझे श्री राम बुलाते है
आज मंगलवार है,महावीर का वार है
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे।
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