आज सांवरो मोरपंख से करयो अजब सिंगार
Author: Pushpanjali
किसी की नैया का माझी बन जाता है
डाकिया जा रे श्याम ने संदेशों दिजे।
नाम है तेरा तारणहारा कब तेरा दर्शन होगा
तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे।
गुरु मात पिता गुरु बंधु सखातेरे चरणों में, स्वामी मेरा कोटि प्रणाम।
वीरा बेगा बेगा थे आईज्यों। थे मत ना देर लगाईज्यों।
आजा आजा रे सांवरीया,चीर उढ़ाजा रे सांवरिया,भर जा मायरो
कैसे आऊं रे सांवरिया तेरी ब्रज नगरी
तेरे नाम का पुजारी आया, तेरे दर का भिखारी आया
You must be logged in to post a comment.