तूं क्यों घबराता है,तेरा श्याम से नाता है
Author: Pushpanjali
समय को भरोसो कोनी,कद पलटी मार जावे।
कानूड़ा नानी बाई को भरजा मायरो।
मैया मोरे सर पे सेहरा सजा दो,
ओ सांवरे ओ सांवरे,ओ सांवरे ओ सांवरे
श्याम धनी को आयो रे बुलावो, तो चालो खाटू धाम आयो फागणियो
बुढ़ापा बैरी, किस विध हाेसी थारो छुटबो।
गोपाल म्हाने गीता ज्ञान सुनाओ,म्हारा श्याम।
जीवन खत्म हुआ तो, जीने का ढंग आया
नमो नमो बिंध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब।
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