तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
Author: Pushpanjali
दुनिया से ना कोई आस करो,
बस आस करो एक गिरधर की,
दिलदार यार म्हाने तो,
निभानो पड़सी,
मेरी छोड़ अवध नगरी, वन राम जो जायेंगे
लाखो तर गए, लाखों ने तर जाना मैया जी तेरा नाम जपके
सारी दुनियां की तूं है सरकार की आजा मैया शेरावालिए
छोटी सी झोपड़िया मेरी माँ, ग़रीब घर आ जाना।
बेटे पांच हुवे,मैने श्री हरी के गुण गाए
जब धनुष जनक का तोड़ दिया,श्री राम चंद्र बलिहारी ने
गुरूदेव की कुटिया को, मैंने फूलो से सजाया है।
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