चढ़ गयो श्याम धनी को रंग,अब दूजो रंग चढ़े ना।
Tag: Aisa rang radha rani chadhaya ke hor rang nahiyo chadhda
फागुन के रंग उड़े पुरवा के संग चले,
चुनर के संग उड़े साड़ी रे,
सखी दूसरों रंग चढ़ेगो नही,अब सांवर रंग रंग्यों सो रंगयों।
आज तो राधे रानी ने श्याम लेबा आया जी
ओं मेरे श्याम ओं मेरे श्याम,
तुम्हारे बिन तुम्हारी ये राधा,
ना जी सकेगी यहाँ,
सखी री मिल गावो री गावो बधाई
आज है राधा अष्टमी आई।
राधे रानी राधे रानी बोलो ना,
राज है क्या ये खोलो ना,
राधा रानी हमारी पे रंग बरसे।
रंग बरसे रे गुलाल बरसे।
मनमोहन की प्यारी, राधा रानी हमारी।
सांवरियो रंग बरसाये, आयो आयो फागणियो।
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