सब मिल जुल कर मैया को मनाओ, नवरात्रे आए हरे हरे
चली आ चली आ चली आना मेरी मां, अब देर ना लगाना
नहाँ धोके मै बैठी भगतणी,भजे राम की माला।
लाल लाल चुनरी सितारों वाली।जिसे ओढ़कर आई है मां शेरोंवाली।
शिव त्रिपुरारी,भोले भंडारी, तुम कैलाशी हो
हंसा निकल गयो पिंजरे से,खाली पड़ी रही तस्वीर। जब यमदूत लेन को आये,नैक धरे न धीर,मार मार के जान निकले,बहे नैन से नीर।हंसा निकल गयो पिंजरे से,खाली पड़ी रही तस्वीर। हंसा निकल गयो पिंजरे से,खाली पड़ी रही तस्वीर। कोई रोवे कोई मल-मल धोवे,कोई उढावे चीर। चार जने जब मिलकर ले गये,ले गये मरघट तीर। हंसा […]
तेरी जटा में गंगा की धार बहे,
काजल भगवत प्रेम का , नयनो मे लूं डार
ऐ मुरली वाले मनमोहन,
हम तुमसे मोहब्बत कर बैठे।
टाबरिया से रूस्या कईया सांवरा
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