अब तो सारा दुख भूलगी मारी हेली,
राम रतन धन पाय रे,
डाल रही वरमाला अब तो जानकी,
जय बोलो जय बोलो सीताराम की,
हो रहो कल्याण सभी को,बने अठे बिगड़या काम
जाके सिर पे हाथ म्हारे श्याम धनी को होवे से
तुलसी मां तेरी महिमा न्यारी।तुम विष्णु जी,को अति प्यारी।
मतलब की इस दुनिया से मुझको नफरत है,
शबरी देख रही है बाट,रामजी मेरे आयेंगे
सुन सांवरे रे, तेरे ही भरोसे मेरी नाव रे,
जय जय तुलसी जय जय राम, जय जय लक्ष्मण जय हनुमान
मैं तो पागल हो गया हो, सांवरिया तेरे प्यार में।
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