घर घर में है जिसकी चर्चा, हर होठों पे जिसका नाम है।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
कलयुग के देव निराले बाबा ये खाटू वाले,महिमा इनकी है अपरंपार
खाटू की टिकट कटा दे रसिया,श्याम की नगरिया म्हाने प्यारी लागे।
ये खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया।
श्याम को घोरलियो सिंगार
मुझे परवाह नहीं बाबा,जमाना क्या ये बोलेगा।
ना ऐसा दरबार,और ना ऐसा सिंगार
मुझको बाबा का सहारा मिल गया।
वो कौन है जिसने हमको दी पहचान है।
कोई नहीं है मेरा, एक तेरे सिवा ओ दाता।
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