झूलो घाल्यों रे कदम की डार,दादी म्हारी झूल रही।
Author: Pushpanjali
झूला तो पड़ग्या कान्हा, रे अमूवा की डारी
एकदीन मैया पार्वती भोले से,ये बोले
चरखा रो भेद बता दे रे,कातन वाली नार
चले श्याम सुंदर से मिलने सुदामा
राम नाम धुन रट रट रट बजरंगी नाचे रे
नाचो गाओ खुशी मनाओ,झुमो रे सब आज,की दादी आई है।
जीयरा तरसे,नैना बरसे,आया सावन नंदलाल रे
राधा रानी मुरलिया से पूछे,काम तूने क्या ऐसा किया है।
झुक आई बदरिया कारी,झूला झूलन चलो राधा प्यारी
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