सज रही गली तेरी कान्हा गोकुल नगरी में
Author: Pushpanjali
में कुर्ता टोपी लाई, यशोदा तेरे लाल का
मेरे सीर पे सदा तेरा हाथ रहे
उठ मात यशोदा, कानूड़ो सूत्यो तेरे पालने।
कृष्ण जन्म का नया भजन
एकदिन बोले नंदलाला मैया में क्यों हूं काला
यमुना किनारे झूलो घाल्यो रे कन्हाई
कान्हा कैसो रूप बनायो रे
थाने पलकां में छिपालयां,थाने हिवड़े से लगालयां,
में तो बेचूं जी प्रभु को नाम,मिठाई ले लो अलबेली
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