जाटनी मत ना कर तकरार, मने सत्संग में जाना से।
आज तो बधाई बाजे, मां के भवन में।
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
रसिया को नार बनाओ री रसिया को।
राम नाम नहीं भायों रे मन माया में फंस गयो
छोटी छोटी मैयां, छोटा छोटा शेर,
मईया मेरी विनती कबूल करना, अमर हमारा सुहाग रखना।
मै कहाँ बिठाऊं राम, कुटिया छोटी छोटी सी।
सांवली सूरत मुख चंदा,भजो रे मन गोविंदा।
मेरे राम वन वन भटक रहे,मेरी सिया गई तो कहां गई।
You must be logged in to post a comment.