डूबते को सहारा दे वो मेरा श्याम प्यारा है।
दुःख भरे जहाँन में, दीन बंधु राम हैं,
आ लौट के आजा भोलेनाथ,तुझे माँ गौरा बुलाती है।
तुलसा तेरी ओट हमने राम नहीं देखे
पाप की नगरिया में पुण्य कब कमाओगे,
गजब मेरे खाटू वाले,गजब थारे ठाठ निराले
सेठो के सेठ बाबा श्याम है।
कैसा आया रे जमाना लोगों,कलयुग का।
बना है फूलों का मंदिर, कहीं वह बिखर ना जाए
मीरा नाचे रे, मेडतनि नाचे रे,
फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना,
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