नायक हो तुम, विनायक हो तुम, गणराय हे गजानन।
हे भगवान तेरी दुनियां में,जी लागे ना मेरा
नगर में जोगी आया, भेद कोई समझ ना पाया
गुरुदेव मेरी नैया उस पार लगा देना,
माये नी मेरिये, बाबे दी गलियाँ,
खाटू कितनी क दूर।।
बैठ्यो मंद मंद मुस्कावे महारा सांवरिया सरकार खाटू नगरी में।
खाटू नगरी में म्हारा श्याम, धणी विराजे खाटू नगरी में
गर जोर मेरो चाले,
हीरा मोत्या से नजर उतार दूँ,
हमारे हैं श्री गुरुदेव,
हमें किस बात की चिंता,
बोलो श्री राम जय राम जय जय राम
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