सत्संग में तेरे जो भी आता, खाली झोली भर ले जाता ।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺मैं भी आया तेरे द्वार, गुरूजी बेड़ा पार कर दो।हम सब आये तेरे द्वार गुरूजी बेड़ा पार कर दो। इतनी किरपा सब पर करना, हाथ दया का सिर पर धरना ।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺बार-बार आऊं तेरे द्वार,गुरूजी बेड़ा पार कर दो।सत्संग में तेरे जो भी आता, खाली […]
ले लो तुलसी का नाम सवेरे उठ के।
इमरत बरस रयो सत्संग में,रे मन पी ले बावरिया।
श्याम छलिया कि मुझे चाल बड़ी प्यारी लगे।
सद्गुरु प्यारे से,जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर दम आनंद ही आनंद है।
हरी हरी बगिया हरो हरो खेत, हरो हरो हि मेरो तुलसी को पेड़।।
दीनबंधु दयालु दया कीजिये,
वरना हमको यहाँ से उठा लीजिये।
मोहे मधुबन श्याम बुलाय गयो री, मोहे मधुबन।
सारी सखियों में मचा ये शोर कान्हा मेरा है।
नैना थक गए राह निहारूं,कन्हैया अब देर ना करो
You must be logged in to post a comment.