मेरी नार अलबेली जिसने लाल जायो है।
राधे राधे बोल श्याम आएंगे
आएंगे श्याम आयेंगे।
क्यों भटक रहा तु झूठे जगत में श्याम शरण ले ले,
आओ म्हारा सांवरा सतावे ओलुडी
कोई पीवे, संत सुझान,
नाम रस मीठा रे
म्हारी अजब बाग़ गुलज़ार
रंग रंग रा फूल खिले रे,
आधी रे रात फिकर मे ढलगी ,
होया रे पहर का तङका।
मीरा जोवे बाट मेडतनी जोवे बाट, सांवरिया री ओलु आवे रे
पीवो प्रेम रस झीना रे साधु भाई,पीवो प्रेम रस झीना जी।
पिले पीताम्बर वालेया मैं केहनी आ,
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